आध्यात्मिक ध्यान कैलाश पर्वत में

18 सितंबर, 2011 को सिक्किम में एक भूकंप आया था शाम के 06:10 pm में उसी दिन ब्रह्मा, विष्णु, महेश दर्शन दिए थे । सिक्किम के बौद्ध मठ में बौद्ध धर्म के दलाई लामा, नरेंद्र मोदी, कैटरीना कैफ, नीतीश कुमार, उपासना सिंह, पोप फ्रांसिस और कृष्चैनीटी के इशारे मौंक लोग मेरा Spritual Reki Healing कर रहे थे ?

29.01.2013 को आशुतोष महाराज उर्फ महेश कुमार झा जो दिव्य ज्योति जागृति संस्थान का संचालक है वो मेरी बहन के शरीर में परकाया प्रवेश विद्या के द्वारा घुस गया मुझे डिस्टर्ब करने के लिए और मेरी बहन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया । जो लगातार ऐसा हो रहा है । 21 नवंबर, 2022 को भी उसी तरह करने लगी मेरी बहन जैसे 2013 में कर रही थी तो मैने भगवान रुद्र जी को कैलाश पर्वत में ध्यान लगाया तो 21 नवंबर, 2022 को कैलाश पर्वत में भगवान रुद्र दर्शन दिए मुझे । लेकिन जैसा चित्रों दिखाया जाता है और स्वप्न में भगवान शिव आए वैसे नहीं दिखे तो फिर आखिर कौन हैं कैलाश पर्वत में ध्याना अवस्था में ? ये एक विचित्र प्रश्न है ? वैसे हमारे आध्यात्मिक चिंतन के अनुसार भगवान रुद्र यानी भगवान शिव के ध्यानवस्था के कारण पृथ्वी के उत्तर दिशा में मैगनेटिक फील्ड का निर्माण हो रहा है । बरमूडा ट्राएंगल में भगवान विष्णु रहते हैं । ये दो पृथ्वी ग्रह की आध्यात्मिक शक्तियां हैं । भगवान विष्णु पृथ्वी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं और भगवान रुद्र वृहस्पति ग्रह का । शरीर के ईडा नाड़ी में भगवान शिव यानी भगवान रुद्र और पिंगला नाड़ी में भगवान विष्णु रहते हैं । जब ये दोनों शक्तियां मिलती हैं तो शुष्मना नाड़ी यानी ज्ञान चक्र आत्म चक्र यानी परमआत्मा चक्र भगवान रुद्र जागृत होते है ।
भगवान रुद्र की प्रेरणा से मेरे आध्यात्मिक चिंतन के अनुसार शिव लिंग नहीं वो अद्वैत लिंग, रावण लिंग का प्रतीक है । रावण और पार्वती में गुप्त अंतर्मन आध्यात्मिक टेलीपैथी प्रेम संबंध था गलत राजनीति के लिए यानी भगवान शिव को गलत साबित करने के लिए यानी सच को झूठा साबित करने के लिए । शिव लिंग के सामने जो बैल है वो भगवान शिव का प्रतीक है और शिव लिंग के नीचे योनि प्रतिबिंब को पार्वती को गाय का रूप बताकर उसे गुप्त रूप से रावण लिंग को शिव लिंग बता दिया गया शिव भक्तों के डर से । गाय का प्रतिक पार्वती को बता दिया ब्रह्मा ने । इसलिए आप लोग देखते होंगे की शादी विवाह में गौरी गोबर की पूजा करवाते है ताकि भगवान शिव न आएं और न उन्हें पूजा मिले । कितना गलत किया इन नीच पाखंडी ब्राह्मणों ने भगवान शिव के साथ । भगवान रुद्र यानी भगवान शिव को गंदगी से नफरत है तो गौ मूत्र और गोबर से लिपने का परंपरा बना दिया यानी टोटका पद्धति यानी जो उनके विरुद्ध है या उन्हें अप्रिय है उनको परंपरा बना दिया गया है ? 

आध्यात्मिक चिंतन के उपरांत ये समझ में आया की नरेंद्र मोदी, कैटरीना कैफ, नीतीश कुमार, उपासना सिंह, बराक ओबामा के इशारे पर मेरे फादर मेरे घर के रूम के बगल में गंदा मिट्टी गिरवा दिए ? काफी चिंतन के उपरांत पाया की दशानन उर्फ रावण ने जब भगवान रुद्र की आत्मा को अपने  शिवलिंग में आने के लिए बोला तो वे आ गए ? शायद वे जानते थे की वे उस शिवलिंग से नहीं निकल पायेंगे ? इसलिए उन्होंने कहा कि जन्हा भी ये शिवलिंग रखोगे ये वन्ही पर रह जायेगा ? क्योंकि भगवान रुद्र की आत्मा परम आत्मा काफी ऊर्जावान है ? इसलिए वो पृथ्वी के गुरत्वशक्ति से जुड़ जायेगा ? या ये झूठ भी हो सकता है की ये उठ नहीं पाएगा या हिल नहीं पाएगा ?
रावण ने एक निर्जन शमशान स्थान में लाकर उनपर लघुशंका किया गुस्से में । जैसे कोई प्रेमी करता है अपने प्रियतमा के पति के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार ?
आज पढ़ा गूगल पर की दो पत्थर दिए थे भगवान रुद्र ? पहला चंद्र ताल और दूसरा बैजनाथ । इसलिए वन्हा धूर्त मैथिल ब्राह्मणों ने रावण मूत्र तालाब बनाके उनको गंदे जल में स्थापित कर दिया । ऐसा हमारे चिंतन के दौरान समझ पाया ।

शिव लिंग क्यों कहते हैं ? असल में शव लिंग है । यानी शव के समान लिंग प्रतीक । क्योंकि उसमें भगवान रुद्र की आत्मा है सिर्फ शरीर नहीं । आत्मा अग्नि पूंज के समान दिखता है ।

अब उन्हें वान्हा से निकल वाना है मुझे । मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत जी को ट्विटर अब एक्स पर कहा तो उन्हें नरेंद्र मोदी, बीजेपी, आरएसएस के लोग फंसा के जेल में डलवा दिए ? अब वो बाहर आए हैं और फिर से मुख्यमंत्री बने हैं तो देखते हैं की वो क्या करते हैं ?


मुझे एक नया धर्म और एक नया राजनैतिक दल बनाना है । लोग मुझे रुपए दान दें ताकि मैं ईश्वर के बताए मार्ग दर्शन को हिंदू समाज में लागू कर सकूं । 

मो.-+91-7979962279(WA) 


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