कैलाश पर्वत में भगवान रुद्र का दर्शन
21 नवंबर, 2022 को अपने घर मगध कॉलोनी, बेऊर, पटना अपने रूम में सुबह में अपने बहन के शरीर में घुसे मृत आशुतोष महाराज को भगाने के लिए कैलाश पर्वत में ध्यान लगाने पर कैलाश पर्वत के सर्पिलाकार घुमावदार गुफा में भगवान रुद्र यानि भगवान शिव के पास चला गया तो देखा कि उनका शरीर बैंगनी रंग के दिव्य ऊर्जा से परिपूर्ण है अंधेरे गुफा में वे ध्यानमुद्रा में बैठे दर्शन दिए मुझे । उनको देखने के बाद मुझे रोआई आ गया और मैं उनसे कुछ बोल नहीं पाया और न कुछ मांग ही पाया और मेरा ध्यान टूट गया । लेकिन बहन के शरीर से मृत आशुतोष महाराज भाग नहीं पाया है और समस्या जस का तस है घर में । कुछ दिन बाद महसूस किया कि भगवान रुद्र हमारे पास आ गए ।
भगवान शिव यानि भगवान रुद्र अभी भी कैलाश पर्वत में ध्यानवस्था में लीन हैं । उनके ध्यानवस्था के कारण उनके शरीर के एक दिव्य ऊर्जा बैंगनी रंग की ऊर्जा में है । मृत्यु के बाद सभी धर्म के सभी लोगों की अग्नि वायु रूपी आत्माएं भगवान शिव के दिव्य बैंगनी रंग के शरीर की ऊर्जा में समाहित होकर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती हैं । जो एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड का निर्माण हो रहा है । वहीं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा कैलाश पर्वत के चारों तरफ है जो किसी भी आदमी, पशु, पंछी, हेलीकॉप्टर, एयरोप्लेन, ड्रोन कैमरा इत्यादि को आने से रोकता है । उनके ध्यानवस्था के कारण कैलाश पर्वत में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का केंद्र बिंदु बन रहा है । मृत्यु उपरांत सभी धर्मों की अग्नि रूपी आत्माएं कैलाश पर्वत में चली जाती हैं और भगवान शिव यानी भगवान रुद्र के दिव्य बैंगनी रंग की ऊर्जा में समाहित हो जाती हैं । जिसके कारण इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड का निर्माण होता है और आकाश में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव के रूप में बिजली भी बनता है । सभी पुरुषों के दाहिने मस्तिष्क में और शरीर के दाहिने भाग में भगवान रुद्र पिंगला नाड़ी और शरीर बाएं मस्तिष्क के भाग मे देवी काली इंगला नाड़ी के रूप में विद्यमान हैं ।
ये जाती प्रजाति का लेख एक व्यक्ति क्रांति कुमार जी ने X पर लिखा । सही लिखा है उन्होंने । मेरा अनुमान भी यही है ।
दुनिया में जाति नही प्रजाति है. मानव की विभिन्न प्रजातियां थी.
मानव और बंदर एक ही खानदान के हैं. लाखों साल पहले एक ही माँ की गोद में खेले थे.
मानव की तीन प्रमुख प्रजातियां.
Homo Erustus मानव प्रजाति 1,08,000 वर्ष पहले लुप्त हो गए.
Neanderthals मानव प्रजाति 40,000 वर्ष पहले लुप्त हो गए.
Homo Sapiens एक मात्र जीवित मानव प्रजाति हैं.
ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय और शूद्र सभी Homo Sapiens मानव प्रजाति हैं.
कोई आपकी जाति पूछे या जाति के नाम पर अपमानित करने की कोशिश करे तो उससे उसकी प्रजाति पूछनी चाहिए.
Photo : वर्तमान मानव प्रजाति Homo Sapiens के पूर्वज ।
8,00,000 साल पहले कुछ मानव प्रजातियों ने कभी कभार "आग" इस्तेमाल किया जो. 3,00,000 साल पहले सभी मानव प्रजातियों ने नियमित तौर पर आग का इस्तेमाल करने लगे. आग ने मानव प्रजाति को शक्ति दी. होमो सेपियन्स ने वार्तालाप के जरिए विजय प्राप्त की. आपसी सहयोग ने कृषि क्रांति को जन्म दिया ।
होमो सेपियन्स ने मिथकों के बल पर मान्यता, सभ्यता, धर्म और कानून व्यवस्था का आविष्कार किया ।
धन एक ऐसा मिथक बना जिस पर दुनिया सचमुच भरोसा करने लगी.
अंतर्विरोधों ने संस्कृति, नस्ल, जाति, देवताओं और देश को जन्म दिया.।
होमो सेपियन्स के विज्ञान ने मानव प्रजाति को घातक बनाया.।
मेरे अनुमान और भगवान शिव के चिंतन के उपरांत पाया कि भगवान शिव पहले जीवित बचे होमो सेपियंस प्रजाति के प्रथम मानव जाति थे जो पृथ्वी में विस्फोट के बाद जीवित बच गए कैलाश पर्वत में । मैं पृथ्वी ग्रह का नाम भगवान रुद्र ग्रह करना चाहता हूं और कैलाश पर्वत का भी और हिंदू धर्म में सिर्फ भगवान रुद्र की पूजा हो ताकी लोगों का दिमाग केंद्रित हो और देश एक विकसित शक्ति शाली राष्ट्र बन सके । मेरे खान पान से पृथ्वी ग्रह का एटमॉस्फेयर में बदलाव होने लगता है । I am Earth Planet Leader. This is My Planet. जो लोग मेरी आर्थिक सहायता करना चाहते हैं नया हिन्दू धर्म और नया राजनैतिक दल बनाने में वो मेरी आर्थिक सहायता हर महीने आजीवन करें ताकि मैं आप सभी के लिए बहुत कुछ कर सकूं । 7979962279 मैसेज & X, Insta मैसेज ।
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