आत्मा या अंश या वंश किसका ?
प्रश्न:-आत्मा या अंश या वंश पुरुष या महिला में से किसका ?
उत्तर:-हमलोग अपने मानवीय समाज में हमेशा कहते हैं कि वंश का विस्तार करना है । लेकिन क्या पुरुष अपने वंश का विस्तार करते हैं, नहीं ? क्योंकि पुरुष शरीर में जल और हवा का प्रतिनिधित्व करते हैं । आत्मा का प्रतिनिधित्व महिलाएँ करती हैं ।
आत्मा के बारे में जानते हो आपलोग की आत्मा कौन है क्या है किसका प्रतिनिधित्व करती हैं शिवाण्ड में या कहें सौरमंडल में ?
आत्मा का प्रतिनिधित्व शिवाण्ड में जिन्हें सूर्य यानी पुरुष ग्रह जिसे हम कहते हैं वो असल में यानी स्त्री शक्ति यानी अग्नि शक्ति यानी आत्मा का प्रतिनिधित्व करती हैं । स्त्री शक्ति ग्रह में 9 रंगों यानी 9 प्रकार की आत्मायें होती हैं । अब कई ग्रह और उपग्रह हैं । उन उपग्रह और ग्रह के अंदर भी स्त्री शक्ति यानी मैग्मा यानी लावा यानी अग्नि शक्ति भी आत्मा का प्रतिनिधित्व करती हैं । यानी महिलाएँ ही आत्मा का प्रतिनिधित्व करती हैं । अभी मैंने इंस्टाग्राम पर पढ़ा की पूरे दुनिया मे 5000 भाषाएँ बोली जाती हैं । इसका मतलब ये हुआ कि 5000 प्रकार की आत्मायें होती हैं । यानी सत्य आत्मा और झूठी आत्मा होती है । यानी आत्मायें कई प्रकार की होती हैं ।
अब ये 9 रंग के अलग-अलग आंखों के रंगों वाली महिलाओं में हमेशा युद्ध होता है । जो रंगों वाली आत्मा जीत जायेंगी वो परम् आत्मा कहलाएंगी यानी पराशक्ति । मेरा ऐसा मानना है । पुरुष में उसकी माँ की आत्मा होती हैं और पिता के माँ की आत्मा होती हैं । यानी दादी की आत्मा ।
ये सत्य है । ये समझ का फेर है । हर पुरुष में महिला शक्ति यानी माता की आत्मा का अंश होता है और उसके पिता की माँ की आत्मा का अंश यानी दादी की आत्मा का अंश होता है । ये मैं भगवान शिव की कृपा और अपने आत्मिक अनुभव और चिंतन के आधार पर कह रहा हूँ । हमलोग कहते हैं कि पुरुष अपने अंश या वंश का विस्तार करता है । जबकि ऐसा नहीं है। महिलाएँ अपने अंश या वंश का विस्तार करती हैं । क्योंकि आत्मा का प्रतिनिधित्व महिलायें करती हैं । वैसे 9 चक्र होते हैं यानी 9 आत्मायें उस वंश या उस कुल की आत्मायें होती हैं उस पुरुष और महिला में जो 9 ग्रह का प्रतिनिधित्व करती हैं । मेरा ऐसा चिंतन हैं ।
सूर्य यानी श्री यानी अग्नि शक्ति यानी महिला शक्ति के कारण ये पौधे ऊपर बढ़ते हैं । जड़ें नीचे की ओर इसलिए बढ़ती हैं क्योंकि नीचे भी अग्नि शक्ति यानी मैग्मा यानी लावा के कारण । ये अग्नि शक्ति आकर्षित करती हैं । जड़ों के माध्यम से भी ऑक्सिजन पहुँचता है पृथ्वी के अंदर तभी अग्नि लगातार प्रज्वलित रहती है । जिसके कारण पृथ्वी घूमती है हमारे सौरमंडल में ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद ।